फोन में प्राण

समय नहीं देते अभिभावक
फिर बाद में पछताते हैं
जब छोटे-छोटे बच्चों को
बड़े फोन दिलाए जाते हैं
पहले बच्चे खेलने जाते
जाने संयम की रस्मों को
अब तो मुखोटे बन कर बैठे
देखो बड़े-बड़े चश्मो को
फोन के सामने भोजन फीका
ना जाने कैसा स्वाद है
ऐसा लगे जब फोन छिने तो
पूरी जिंदगी खराब है
पहले लोग कम कहने पहनते थे
कहीं हो ना जाए छीना झपटी
चोरों में मर्यादा रही ना
फोन ही झपटने है कपटी

New Report

Close