बिंदास रहने की जरुरत है तुझे
तू ठेस देने वालों से न घबरा
तेरे में हुनर बहुत है,
तेरी लेखनी की धार में
खनक बहुत है।
हवाएं तो आती रहेंगी
जाती रहेंगी,
आँख में रेत का कण डालकर
रुलाती रहेंगी,
लेकिन तू बिंदास भाव से चलती चल
अपने लेखन की धार मजबूत करती चल।
ज़माना कुछ न माने तुझे
लेकिन तेरी लेखनी तेरा परिचय देती है
बिंदास रहने की जरुरत है तुझे .
बहुत ही अच्छी
सादर धन्यवाद जी
👏👏बहुत सुंदर
सादर धन्यवाद जी
Sahi kah rahe hain aap
जी यह मेरी भावना व्यक्त हो ही गयी
Mai samajh gaya
Aap kisko samjha rahe hain.
Bahut achche
Thanks
बहुत सुन्दर भाव
धन्यवाद जी