मां बाप की लाडली होती बिटिया
जीवन को रोशन करती है बिटिया
घर परिवार को समेट कर रखती बिटिया
रिस्ते कि बागडोर को निभाती बिटिया
सुख दुख में साथ निभाती बिटिया
जिम्मेदारी से कभी ना भागती बिटिया
होंठों कि मुस्कान बन जाती बिटिया
अंधेरे में उजाला बन साथ निभाती बिटिया
अपने प्रेम भाव से सिंचित करती है बिटिया
जीवन के हर मोड़ पर संग चलती है बिटिया
बाबा के हर दर्द को समझ जाती है बिटिया
समय समय पर खुशीयों का त्याग करती है बिटिया
बचपन की नादानी में भी समझदारी दिखाती बिटिया
प्रेम लुटाती गले लगाती हंस हंस कर रहती है बिटिया
महेश गुप्ता जौनपुरी
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