बीते लम्हे

बीते लम्हे मुझे आए याद

बारिशों की वो रंगीन बूँदें
ख़्वाब में खोई मीठी-सी नींदें
दूर तक जुगनुओं की बरातें
रातरानी से महकी वो रातें
बीते लम्हे मुझे आए याद

चाँदनी का छतों पर उतरना
प्यार के आइनों में सँवरना
ओस का मुस्कराना, निखरना
फूल पर मोतियों सा बिखरना
बीते लम्हे मुझे आए याद

वो निगाहों के शिकवे गिले भी
चाहतों के हसीं सिलसिले भी
छू गईं फिर मुझे वो हवाएँ
जिनमें थीं ज़िन्दगी की अदाएँ
बीते लम्हे मुझे आए याद

Comments

6 responses to “बीते लम्हे”

    1. Feran kurrele Avatar
      Feran kurrele

      Thank you 🙂

    1. Feran kurrele Avatar
      Feran kurrele

      sukriya ji

  1. Abhishek kumar

    Good

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