बेटी घर की रौनक होती है

बेटी घर की रौनक होती है
बाप के दिल की खनक होती है
माँ के अरमानों की महक होती है
फिर भी उसको नकारा जाता है
भेदभाव का पुतला उसे बनाया जाता है
आओ इस रीत को बदलते है
एक बार फिर उसका स्वागत करते है

Comments

14 responses to “बेटी घर की रौनक होती है”

  1. Annu Burnwal Avatar

    बहुत सुन्दर पंक्तिया है।

  2. राम नरेशपुरवाला

    वाह

  3. राम नरेशपुरवाला

    Good

  4. Kanchan Dwivedi

    Nice

  5. Satish Pandey

    वाह

  6. Abhishek kumar

    👏👏

  7. मोहन सिंह मानुष Avatar
    मोहन सिंह मानुष

    वाह वाह

  8. Pragya Shukla

    क्या बात है बिल्कुल सही कहा आपने बेटी घर की रौनक होती है

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