बेवसी

मजबूरी नहीं कोई
फिर भी मजबूरी क्यों है

आज़ाद हूँ फिर भी
बेबसी क्यों है

-विनीता श्रीवास्तव(नीरजा नीर)-

Comments

2 responses to “बेवसी”

  1. राम नरेशपुरवाला

    Good

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