बढ़ती उम्र

बढ़ती उम्र का मतलब ये नहीं कि इंसान जीना छोड़ दे
सारे काम बन्द कर मौत का इंतज़ार करना शुरू कर दे
सेवानिवृति एक पड़ाव है जहां थोड़ा कुछ बदल जाता है
थोड़ा पीछे छूट जाता है, और थोड़ा नया मिल जाता है

बढ़ती उम्र डरने या नकारात्मक सोचने का नाम नहीं है
और जीवन यात्रा में सेवानिवृति, रुकने का नाम नहीं है
सेवानिवृत होने का मतलब जीने पर पूर्ण विराम नहीं है
ये तो बस एक कोमा है, जीवन पर कोई लगाम नहीं है

सोच अगर तंग रहे तो, ज़िन्दगी एक जंग हो जाती है
बढ़ती उम्र में दर्द और बेचैनी जीने का अंग हो जाती है
नियमित व्यायाम और संतुलित आहार, सेहत संजोयेंगे
जुबां पे लगाम और सम व्यवहार, सभी का मन मोहेंगे

बढ़ती उम्र छिपने छुपाने या अलगाव का कारण नहीं है
ये उधारण बनकर, नई पीढ़ी को सीख देने का नाम है
इस दुनिया में वृद्ध होना, सबके नसीब में नहीं होता
“योगी” बुढ़ापा, ऐसी खुशनसीबी के, उत्सव का नाम है

Comments

10 responses to “बढ़ती उम्र”

  1. राम नरेशपुरवाला

    Wah

  2. Yogesh Chandra Goyal Avatar
    Yogesh Chandra Goyal

    आप सभी का आभार और धन्यवाद

  3. Yogesh Chandra Goyal Avatar
    Yogesh Chandra Goyal

    Shukriya

  4. Abhishek kumar

    Superb

Leave a Reply

New Report

Close