6 Comments

  1. कवि गीता जी के सुन्दर भावों और सुन्दर सीख को अभिव्यक्त करती बेहतरीन कविता है यह। गागर में सागर है। शब्द युग्मों का बेहतरीन प्रयोग है। संप्रेषण प्रबल है। वाह

  2. आपकी इस बहुमूल्य समीक्षा हेतु आपका हार्दिक धन्यवाद सतीश जी
    आपकी ये कीमती समीक्षाएं बहुत ही उत्साह वर्धन करती हैं सर 🙏

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