*भलाई*

भलाई करो गर जीवन में,
वह व्यर्थ नहीं जाती है
यह तो बस प्रभु ही जानें,
वह किस रूप में वापस आती है

*****✍️गीता

Comments

6 responses to “*भलाई*”

  1. जी बिल्कुल सही कहा आपने गीता जी भलाई कभी व्यर्थ नहीं जाती है

    1. धन्यवाद प्रज्ञा जी

  2. Virendra sen Avatar

    बिल्कुल सही कहा आपने मैंने अनुभव किया है

    1. जी बिल्कुल मेरा भी अनुभव रहा है।
      समीक्षा हेतु बहुत बहुत धन्यवाद सर

    1. सादर धन्यवाद भाई जी🙏

Leave a Reply

New Report

Close