भानु की ये जवाँ किरणें

भानु की ये जवाँ किरणें
हमें संदेश देती हैं,
बीच से बादलों को भेदकर
आगे निकलना है।
चमकना है क्षितिज में
नफ़रतों का तम मिटाना है,
दिलों में गर्मजोशी हो
जरा सा ताप रखना है

Comments

7 responses to “भानु की ये जवाँ किरणें”

  1. वाह सर बहुत खूब

  2. Geeta kumari

    कवि सतीश जी का जीवन के प्रति बहुत ही सुन्दर सन्देश है कि सूर्य की प्रातः की किरणों की भांति जीवन में गर्मजोशी हो किंतु क्रोध का ताप ना हो ।ऐसा करने से हम अपनी मंज़िल तक पहुंचने में कामयाबी हासिल कर सकते हैं ।बहुत सुंदर संदेश देती हुई ,बहुत सुंदर शिल्प के साथ बहुत ही सुन्दर रचना ।

  3. Rishi Kumar

    सूर्य के समान आप भी
    अपने शब्दों से-
    देश समाज तथा अन्य क्षेत्रों में फैले अंधेरे को मिटा रहे हैं

    बड़ी खूबसूरत रचना

  4. वाह वाह सर

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