3 Comments

  1. मेरे बाद ख्वाब
    सजाएगा कौन,
    बुझते हुए दिए को
    जलाएगा कौन,
    सपना था ,
    भारत रत्न नोबेल का,
    अब इसे जीतकर लाएगा कौन,

    अत्यंत सुंदर लेखनी है आपकी

Leave a Reply