हाथ से

क्या छिपा रही हो हाथ से, क्या देख रही हो आख से, लग रहा जुखाम हुई आपको जो नाक पोछ रही हो हाथ से, ———…

हाथ से

क्या छिपा रही हो हाथ से, क्या देख रही हो आख से, लग रहा जुखाम हुई आपको जो नाक पोछ रही हो हाथ से, ———…

व्यंग्य

व्यंग्य —————— लड़कीया खुबसूरत होती है, लड़के गरीब अमीर होते है, लड़कीयो की संपत्ति सुंदरता है लड़कों की खूबसूरती पैसा है, इसलिए विचार करो लड़कों…

शान्ति के दूत हो

कविता-शान्ति के दूत हो ——————————– शांति के दूत हो जीवन के स्त्रोत हो, अशोक तुम महान हो, प्रिय दर्शी राजा सबके सम्मान हो, शोषित उपेक्षित…

बुद्ध भक्त भीमराव

कविता- बुद्ध भक्त भीमराव ———————————— बुद्ध भक्त भीमराव, आपको फिर से आना होगा, उत्तर दक्षिण पूरब पश्चिम, भारत को बौद्धमय बनाना होगा, अशोक चंद्रगुप्त के…

राम मेरे आदर्श है

कविता- राम मेरे आदर्श हैं ———————————– राम मेरे आदर्श हैं भाई भारत माँ के पुत्र हैं भाई, जीसस मोहम्मद गुरु नानक बुद्ध से पहले राम…

माँ पिता होगी

कविता- मां पछताई होगी ——————————– मां बहुत पछताई होगी, बेटी को जन्म देकर रोई होगी, पढ़ी अखबार में- दो वर्षीय बच्ची के रेप की घटना…

कमाई करो

प्यार से पहले कमाई करो धन हो या शिक्षा उसकी रोपाई करो, भूखे कभी न रहोगे ठग कभी न जाओगे, दुनिया तुम्हें रुलाएंगी, है ज्ञान…

तरस आता है

कविता- तरस आता है —————————————— हे गरीबी तुझ पर – तरस आता है, क्या बिगाड़ तू पाई इंसान का| चाहे तू और बर्बाद कर दे,…

राम

कविता -राम —————- राम तुम्हें फिर आना होगा आओ बाण उठाना होगा आतंकवाद से मुक्त बना भारत को आर्यावर्त बनाना होगा चाहे पाक के पाले…

होगा कोई लोभी

कविता-होगा कोई लोभी ——————————- होगा कोई लोभी, होगा कोई ना समझ, जो तुम्हें खरीदे रुपयों में वरना तुम्हारी कीमत चवन्नी से भी कम है, अरे….…

माँ और कवि

कविता – मां और कवि —————————- मां और कवि में , अंतर इतना, सीता और बाल्मिकी में, अंतर जितना, मां सुधा अगर है, कवि पारस…

खबर ले ले

कविता- खबर ले ले ————————- कोई तो हो खबर ले ले, कहां थे अब तक- यह सवाल पूछ ले, वक्त का हिसाब मांगे, साथ रहने…

बिल्ली की पूछ

बिल्ली की पूंछ ——————- रुकी कलम अगर भूत भविष्य बिखर जाएगा रखो न हाथ गिरवी, जमाना भूखे बच्चों को- व्रती बता जाएगा, जिन्हें शुद्ध पानी…

फोन चोरी हुआ

कविता- फोन चोरी हुआ ——————————– सुनो भाई, कब तक गुजारोगे, जीवन में चोरी करके, मेरा या गैरों का- फोन चुरा करके, इस काम से क्या…

अपना सावन

सावन तुमसे माफी है माफी दिनकर कालिदास के बच्चों से है, काफी दिन मै दूर रहा दूर कारण- फोन मेरा चोरी हुआ था, अभी फोन…

सब कुछ झूठा

सूरज जलकर कब रोया संध्या रातों मे कब सोई गुलमोहर का साख से झरना कब बंद हुआ दशरथ माझी का हथौड़ा कब बंद हुआ, क्यों…

पर्यावरण क्या है

कविता-पर्यावरण है क्या ——————————- सभी सुनो, पर्यावरण है क्या, क्या इसकी परिभाषा है, प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रूप से, जीव जंतु मानव – जिससे प्रभावित हो, उसी…

आपसे दूर हूं

कविता-आपसे दूर हूं ————————- पापा मैं आपसे दूर हूं आपके आशीष से भरपूर हूं, कमबख्त काम ने घेरा है मुझे ऐसा बंधक है बनाया न…

बावरी

कविता-बावरी ——————– सुन बावरी क्यों लड़ती है मुझसे, एक दिन रूठ जाऊंगा, तूझे क्या पूरा शहर छोड़ जाऊंगा, संग में कॉलेज आना जाना, पार्को में…

जहर पिला दो

कविता-जहर पिला दो —————————– जहर पिला दो जहर खिला दो मम्मी पापा उपकार करो जन्म नहीं देना मम्मी दर्द मेरा एहसास करो मुझ नन्हीं बच्ची…

भाई खुश हो

कविता-भाई खुश हो ————————– भाई खुश हो, आज तुम्हारा जन्मदिन है, मैं तो तुमसे दूर हूं मेरा आशीष तुम्हारे साथ है, प्यार मिले , सत्कार…

खाएंगे

मुक्तक-खाएंगे —————— अब बनाने वाले ही खाएंगे , कोई खाने वाला रहा नही, लगता है, सब दावत मे गए, या घर सब, रुठ के छोड़…

कब्र पर आकर

कविता- कब्र पर आकर ———————- दौड़ रही हूं, इधर उधर, ढूंढ रही हूं, डगर डगर, पूछ रही हूं, नगर नगर, कोई मुझको, पता बता दो,…

कवि का धर्म

मुक्तक-कवि का धर्म ————————- कवि का कोई धर्म नहीं हो सकता है, मंदिर मस्जिद चर्चो में भगवान नहीं हो सकता है, दुख को दुख कहता…

ग़ालिब

कविता- गालिब ——————- कवि जागो लेखक जागो, जागो जग के शायर सब , रोयेंगे कल यदि आज नहीं जागे हम| प्रकृति हमारा खंडहर हो रहा…

पीपल का वृक्ष

कविता -पीपल का वृक्ष —————————- जीवन जीने का आधार क्या है, हर धर्मों का सार क्या है, मानव क्या पाता है, जीवन में क्या खोता…

चैत्र मास

कविता -चैत्र मास ——————– शिक्षा समाज देश के सजग प्रहरी, मौन धारण कर के बैठे हो, बिगड़ रही नव पीढ़ी अपनी चुप्पी तोड़ो आवाज उठाओ,…

जुआरी हूं

कविता -जुआरी हूं ———————– हां जुआरी हूं, एक बार जुआ और खेलने दो, जो बचा है मेरे पास अब दांव पर लगाकर खेलूंगा, बिक गया…

शिक्षा क्या है

कविता- शिक्षा क्या है —————————— शिक्षा जो कोई लेकर चलता, उसको शिक्षा ले चलती है| मान प्रतिष्ठा धन वैभव देती है। जीवन का मार्ग सुगम…

फेल रिजल्ट

कविता -फेल रिजल्ट —————————- आज सारे, ख्वाब टूट गए, कभी सोचते थें, जो बैठ टहल कर, वो आज सारे ख्वाब टूट गए, मत भरोसा करो,…

धोखेबाज दोस्त

कविता- धोखेबाज दोस्त ——————————– हजार झूठे स्वार्थी दोस्त से अच्छा, एक सच्चा परम मित्र हो, नाज किया समय पैसा बर्बाद किया, वही दोस्त आइना दिखा…

दर्जी

कविता- दर्जी ——————- फटी पैंट मेरी, ले दर्जी जी के घर जाता हूं, टूटी फूटी मशीन के संग, बैठा बुजुर्ग दर्जी हैं, देख मुझे मुस्कुराया…

डॉक्टर साहब

कविता- डॉक्टर साहब ——————————- देखिए डॉक्टर साहब जी, बेटा क्यों अब रोता हैं| रात अंधेरी काले बादल, रिमझिम बरसा पानी था, हाय पिताजी प्रेम तुम्हारा,…

खिलौना मत बनाना

कविता-खिलौना मत बनाना ————————————– हे कुम्हार, मत बना खिलौना हमें, जमाना खेलें , तोड़ के, मिटा दे मेरी हस्ती को, बेचे किसी बाजार में, कोई…

चाय हटा लो

कविता- चाय हटा लो ————————— माफी देकर, गले लगा लो, दुख होता हैं, होठ से अपने, चाय हटा लो| जो हक मेरा हैं, कुल्हड़ क्यूं…

बदनाम हो गये

बदनाम हो गये ———————— बदनाम हो गये जमाने के नजरों में, वजूद खो दिया खुद का उसे मनाने में, इल्जाम लगता है इसे कोई और…

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