आज का यह भारत प्रतिफल है उनके अथक प्रयासों का
सावित्री बाई फूले जो थी शिक्षिका, उनकी शिक्षा नीतियों का
भूलेगी कैसे भारत की बेटियां, ऋणी है जिनकी संकल्प शक्ति का
जिनके जज़्बातो से, बल मिला, बालिका शिक्षा दिलाने का
हर स्त्री का सच्चा है आभूषण उनकी ज्ञान की ज्योति का
ललक जगाया उनमें शिक्षित,स्वाबलम्बी,आत्मविश्वासी
बनने का ।
भूलेगी कैसे
Comments
8 responses to “भूलेगी कैसे”
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Very nice👏
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सावित्री बाई फूले जो थी शिक्षिका, उनकी शिक्षा नीतियों का
भूलेगी कैसे भारत की बेटियां, ऋणी है जिनकी संकल्प शक्ति का
बहुत ही सुंदर तरीके से आपने सावित्री बाई फूले जी के योगदान पर प्रकाश डाला है। फूले जी को नमन।-

बहुत बहुत धन्यवाद सर
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बहुत खूब
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बहुत बहुत धन्यवाद जी
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सुन्दर अभिव्यक्ति
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गीता जी सादर धन्यवाद
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सुंदर
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