2 Comments

  1. तेरी खुली जुल्फों से मैं एक सवाल करता हूँ
    चाहत है तेरी कौन ये दरखास्त बारंबार करता हूँ |

    लगाए थे तूने आज तक कई पहरे सोच पर मेरे
    मनाया तुझे कई बार पर तू मानी न कहने पर मेरे |

    बहुत ही रुमानी तथा प्रेम से लबरेज अभिव्यक्ति सुंदर तथा भावपूर्ण रचना

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