वतन में भ्रष्टाचार भारी है
सांसो की चल रही मारा मारी है
दे नहीं सकते जो ऊंचे ऊंचे दाम
दुनिया से जाने की उनकी ही बारी है
भ्रष्टाचार
Comments
5 responses to “भ्रष्टाचार”
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ईश्वर सभी को स्वस्थ रखे
यही विनती हमारी है 🙏🙏 -
वाह
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बहुत सुंदर पंक्तियां
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बहुत खूब
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भ्रष्टाचार को समाप्त करने के लिए लिखी गई सुंदर पंक्तियां
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