मंजिल का रास्ता

हम जब भी थके तो मंजिल को पास बुला लिया।
कूछ रास्ता हमने तय किया तो कूछ मंंजिल ने,
दोनों ने मिलकर अपना तकदीर बना लिया।।

Comments

3 responses to “मंजिल का रास्ता”

  1. ashmita Avatar

    सराहनीय

  2. राम नरेशपुरवाला

    वाह

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