“महिमा अनंत है
महलों में दिये की
बिस्तर पर तकिये की
बारात मे दूल्हे की
घर मे चूल्हे की
महिमा अनंत है
बागों मे माली की
ससुराल में साली की
महफ़िल में शराब की
बाद में बेकरारी की
महिमा अनंत है
जिंदगी में प्यार की
प्यार में तकरार की
धोके में पाकिस्तान की
दोस्ती में हिन्दुस्तान की
महिमा अनंत है !
“
महिमा
Comments
3 responses to “महिमा”
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wah
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Good
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वाह
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