माँ शारदे वरदान दो

माँ शारदे वरदान दो
वरदायिनी वरदान दो

मेरे उर में तेरा वास हो
हर रोम में प्रकाश हो

सन्मार्ग पर मैं चल सकूँ
मुझे अभय का वरदान दो

शवेताम्बरी वरदान दो
वरदायिनी वरदान***

मैं पीर सबकी सुन सकूँ
दुःख दर्द सबके हर सकूँ

सबके लिए सद्भाव हो
हंस वाहिनी वरदान***

मेरी वाणी भी ओ ज हो
मस्तक पे मेरे तेज हो

मुझे सप्त सुर का ज्ञान दो
माँ शारदे वरदान***

जिव्हा पे तेरा नाम हो
घट घट में तेरा वास हो

वाणी मेरी मधुरिम बनें
मुझे ऐसा तुम वरदान दो

पदमासनी वरदान दो
माँ शारदे वरदान दो

वीणा वादिनी वरदान दो
वरदायिनी वरदान दो

माँ शारदे वरदान दो
कमलेश कौशिक
हिंदी अध्यापिका
मो0 पुर अहीर
जिला उपप्रधान मेवात

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