इस काँटो भरी दुनिया में माँ
आपका ही तो सहारा है
इस तपती जलती धूप में माँ
आपका ही आँचल ठंडा पाया है
दौड़ भाग की इस जिंदगी में
एक आपने ही तो संभाला है
चाहें जितनी भी मुसीबत हो माँ
आपने ही तो निकाला है
दुनिया वालों की बलाओं को माँ
आपने ही झाड़ फूक निकाला है
अपने बच्चों की हर पल चिंता कर
ईश्वरीय आशीष भी दिलाया है।।
माँ
Comments
11 responses to “माँ”
-

Good
-

धन्यवाद
-
-

वाह बहुत सुंदर रचना ढेरों बधाइयां
-

धन्यवाद
-
-

Nice one
-

Thanks
-
-
wah
-

धन्यवाद
-
-

Nice
-

sundar rachna
-

Thank u sir
-
Leave a Reply
You must be logged in to post a comment.