10 Comments

  1. हमारे समाज में गाली जैसी बुराई पर तंज कसती हुई आपकी यह
    कविता
    बहुत सुंदर अभिव्यक्ति एकता जी

  2. एक मां के जाए दो लाल यदि आपस में लड़े , अपनी मां को भी गाली देते हैं ताल ठोक
    👌🏾👌🏾😞

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