माखन चोर

माखन चोर माखन चोर।
ब्रज में मचा है यही शोर ।।
सब से नजरे बचा के देखो।
कैसे भागे माखन चोर।।
कहीं मटकी फूटी ,
कहीं माखन बिखरे ।
पकड़ो पकड़ो दौड़ो दौड़ो,
व्रज में आया कैसा चोर।।
कान पकड़ के मैया बोली,
कहाँ गया था, रात से हो गई भोर।।

Comments

10 responses to “माखन चोर”

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    1. Praduman Amit

      समीक्षा के लिए धन्यवाद।

  2. Antariksha Saha Avatar
    Antariksha Saha

    बहुत khoob

    1. Praduman Amit

      धन्यवाद महोदय।

  3. Geeta kumari

    सुंदर चित्रण

    1. Praduman Amit

      आपकी समीक्षा ही मेरी शान है।

    1. Praduman Amit

      धन्यवाद।

    1. Praduman Amit

      शुक्रिया। समीक्षा के लिए।

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