हे ईश्वर!
कृपा कर
अपने बनाये इंसानो की
रक्षा कर
मत फैला ऐसी जानलेवा बीमारी
जिससे होता जा रहा
प्रकृति का हनन
मानव का क्षरण
रोंक मरते मानवों को
बचा ले प्राण,
ऐसे ना कर घरों की बर्बादी
बचा ले दुनिया की आबादी।
मानव का क्षरण
Comments
3 responses to “मानव का क्षरण”
-
बहुत खूब
-

धन्यवाद
-
-

महामारी का सटीक यथार्थ
Leave a Reply
You must be logged in to post a comment.