मा जानकी आरती

जय दुखहरनी जय कल्याणी
सीता मईया सब सुख देती
जय दुखहरनी जय कल्याणी
सीता मईया सब सुख देती
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जय दुखहरनी जय कल्याणी
सीता मईया सब सुख देती ।।1।।
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जनकसुता तुम राम दुलारी
जय वैदेही राम की शक्ति
जन्मदायिनी तुम पालनकारिणी
भक्ति दो हे भक्ति माई
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जय दुखहरनी जय कल्याणी
सीता मईया सब सुख देती ।।2।।
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भव बंधन से पार लगाओ ।।
जय मिथिलेश कुमारी काटो माया बंधन अब हमारी
संहारिणी तुम्हीं हो माता हमारी
भव बंधन से पार लगाओ ।।
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जय दुखहरनी जय कल्याणी
सीता मईया सब सुख देती ।।3।।
कवि विकास कुमार

Comments

4 responses to “मा जानकी आरती”

  1. बहुत सुंदर कविता

  2. सीता माता की जय…
    सुंदर भक्तिपूर्ण रचना

  3. Pt, vinay shastri ‘vinaychand’

    सुंदर भाव

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