सुगंध के लिए
इत्र पास रखिये
कठिन समय के लिए
मित्र पास रखिये।
विपत्ति में हौसला रखिये,
हँसी-मजाक का भी
शौक सा रखिये।
दुखों को आप हल्के में रखिये
अन्यथा रोज सकते में रहिए।
ईश दरबार में
झुकते रहिए,
छोड़ चिंताएं सभी
काम करते रहिए।
मित्र साथ रखिये
Comments
5 responses to “मित्र साथ रखिये”
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Very nice sir
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वाह बहुत खूब
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सुगंध के लिए
इत्र पास रखिये
कठिन समय के लिए
मित्र पास रखिये।
_________ कठिन समय में मित्र ही काम आते हैं मित्रता की इसी, भावना पर आधारित कवि सतीश जी की बहुत सुंदर रचना सुंदर भाव सुंदर शिल्प और लाजवाब अभिव्यक्ति,,,,,एक शानदार रचना -
वाह बहुत खूब
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Great
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