मुक्तक-पुष्प की अभिलाषा

पुष्प की अभिलाषा -(एक मुक्तक)
……………………………………………..
टूट कर शाख से शायद बिखर गया होगा
कुचल कर और ओ गुल निखर गया होगा |
जिसके जज्बे में वतन पे शहीद था होना
मुल्क के वास्ते मर कर ओ तर गया होगा ||
उपाध्याय…

Comments

2 responses to “मुक्तक-पुष्प की अभिलाषा”

  1. Khusbu Mittal Avatar
    Khusbu Mittal

    behtareen ji

  2. राम नरेशपुरवाला

    V good

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