मुक्तक

मुझको तेरी आहट़ आहों में नजर आती है!
तेरी मुस्कराहट निगाहों में नजर आती है!
तेरी ओर खींचती हैं मेरी मंजिलें मुझको,
जिन्दगी भी दर्द की बाँहों में नजर आती है!

#महादेव की कविताऐं

Comments

3 responses to “मुक्तक”

  1. राम नरेशपुरवाला

    Good

  2. Pragya Shukla

    ब्यूटीफुल क्राफ्ट

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