मुक्तक

तेरी तम़न्ना ही मेरी हमराह है!
मेरी मंजिल भटकी हुयी सी राह है!
किसतरह चाहत को मिटाऊँ महादेव?
तेरी आरजू ही बन गयी गुनाह है!

मुक्तककार- #महादेव’

Comments

7 responses to “मुक्तक”

    1. Mithilesh Rai Avatar
      Mithilesh Rai

      धन्यवाद

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      Mithilesh Rai

      धन्यवाद

    1. Mithilesh Rai Avatar
      Mithilesh Rai

      धन्यवाद

  1. Abhishek kumar

    Good

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