पास ना होकर भी जो
दूर नहीं
बिछड़कर भी जो
छूटा नहीं
सिर्फ दोस्ती का रिश्ता
ही है जो मेरे बदलने पर
भी बदला नहीं !
(निसार)
मुक्तक
Comments
6 responses to “मुक्तक”
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Bahtreen
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thanks
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शानदार
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sUKRIYA
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वाह बहुत सुंदर
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Good
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