मुक्तक

पास ना होकर भी जो
दूर नहीं
बिछड़कर भी जो
छूटा नहीं
सिर्फ दोस्ती का रिश्ता
ही है जो मेरे बदलने पर
भी बदला नहीं !
(निसार)

Comments

6 responses to “मुक्तक”

  1. Abhishek kumar

    Good

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