तुम तो कहते थे कि जी नहीं पाओगे मेरे बिना अरसे बाद मिला तो सवाल किया उसने मैंने कहा आखरी साँस पर तेरे साथ का वादा किया था ना तू आया ना वो अखरी साँस […]
तुम तो कहते थे कि जी नहीं पाओगे मेरे बिना अरसे बाद मिला तो सवाल किया उसने मैंने कहा आखरी साँस पर तेरे साथ का वादा किया था ना तू आया ना वो अखरी साँस […]
जरुरत से ज्यादा जुर्रत कर हिम्मत से ज्यादा हिमाकत कर। ख्वाब जितने भी हैं जिस्म में तेरे उन सबको रूह में शामिल कर। जरुरी नहीं सबको जिन्दा दिखे तू किसी के लिए मरने का भी […]
मुझे यकीन है की इक रोज़ तेरा भी सवेरा होगा, अंधेरो का कोई साया ना होगा! इक रोज़ तेरा भी सब कुछ होगा, कुछ ना होने को कुछ ना होगा! इक रोज़ चाहा है जैसा […]
ख्वाबो की ख्वाहिशो ने मार डाला, हमको तो वारना जीना तो हमे भी आता था, उनकी तरह झूठ का !
अभी और बनना बाकि है, अभी और बिगड़ना बाकि है , जिन्दा है यहाँ कौन-कौन सबको ये साबित करना बाकि है, जीने के लिए खुद के अभी खुद का मरना बाकि है !
दफन होने से पहले, एक बार ये काम करके देखना! जो जुस्तजू हो, जीने की तो मुझपर भी मरकर देखना! आदत जो ना हो शिकायत करने की तो पास मेरे बैठकर देखना! चाहत जो ना […]
आँखों से बहता पानी कहाँ एक सा होता है कभी खुद के लिए रोता है, कभी खुदा के लिए रोता है ! कभी कुछ पा के रोता है , कभी कुछ खो के रोता है […]
कुछ लिख कर आज फिर मिटा दिया, कुछ बना कर आज फिर बिगाड़ दिया, वो आज भी नहीं आएगा मालूम है हमे, पर फिर भी उसके आने के इन्तजार मे खुद को फिर सँवार लिया […]
जो यही सजा है मेरे गुनाह की तो यही सही , लेकिन सुनवाई का एक मौका तो दे ! (निसार)
पास ना होकर भी जो दूर नहीं बिछड़कर भी जो छूटा नहीं सिर्फ दोस्ती का रिश्ता ही है जो मेरे बदलने पर भी बदला नहीं ! (निसार)
यूँ तो हमारा नजरिया बदल गया लेकिन उसे देखने की नजर वही है ! (निसार)
दिल मे दर्द उतना ही रखना जितना आँखों मे समां सके क्योकि जो छलक गया वो लोगो की हंसी का हो गया ! (निसार)
कुछ ख्वाब ऐसे थे, कुछ ख्वाब वैसे थे, कुछ दिल के हिस्से थे, कुछ दर्द के किस्से थे, कुछ खुदा को समझाने थे, कुछ खुद को समझने थे, कुछ टूटकर रह गए, कुछ अश्क संग […]
मौला अपनी तू रहो मे, बैठे रहने दे छाओ मे एक दिन तो होगा कर्म ये भ्रम तो रहने दे ! चाहे सपनो को सपने रहने दे, लकिन अपने तो रहने दे शिकवे, शिकायत क्या […]
तुम मेरी सुबह बन जाओ मैं तुम्हारी राते बन जाऊ जो दुआ पूरी करते है मैं तुम्हारा वो तारा बन जाऊ !
जब दिल रोए पर अश्क ना हो , जब नफरत हो पर रश्क ना हो , जब सजदा हो पर दुआ ना हो , जब किस्सा हो पर बया ना हो , जब जिन्दा हो […]
तेरा इन्तजार करू, तेरा एतबार करू लेकिन कब तक बता यू ही सुबह से शाम करू ! तेरे बिना राहे चलती नहीं मेरी लेकिन कब तक बता यू ही मंजिल-ऐ-राह को बदनाम करू! ‘निसार’
बचपन के शहर मे जाने , क्यों ख़ाली से मकान पड़े है सयानेपन के हर जगह पर ऊँचे-ऊँचे बंगले खड़े है कुछ आधुनिकता की आड़ मे लूट गए कुछ को मजबूरियों न लूटा है महँगे खिलौनो […]
समझाऊँगी क्या मैं तुझको बतलाऊँगी क्या मैं तुझको ! कभी तो अपना जान तू मुझको कभी तो अपना मान तू मुझको ! बस इतना-सा वादा कर दे बस इतना-सा सच्चा कर दे ! मुझको तू […]
क्यों मिली नहीं रहमत तेरी अब तक क्या मेरी कोई भूल तेरे दर मे गुनाह मुक़र्र हुई है !
क्यों खुदा तेरा दिल भी बंजर-सा हुआ क्या तेरा भी कोई अपना बेईमान-सा हुआ !
साथी मेरी न्यारी है मुझको सबसे प्यारी है राज ये मेरे रखती है किसी को नहीं दस्ती है हर वो बात ये सुनती है जो दुनिया को चुभती है दोस्ती ये ऐसी सच्ची है जो […]
चार दिन की थी जिंदगी एक दिन का था बचपन उसमे थोड़ा-सा कच्चा था, थोड़ा-सा अच्छा था लेकिन वो ही सबसे सच्चा था , क्योंकि जिन्दा था बैखोफ मैं उसमे चाहे रोता था माँ की […]
तेरे इश्क मे…….तेरे इश्क मे , तेरे इश्क मे बेबस हुए तेरे इश्क मे बेखुद हुए तेरे इश्क मे बेहद हुए दीवाने हम ! तेरे इश्क मे…….तेरे इश्क मे , तेरे इश्क के दरिया मे […]
मेरी एक नज्म, दूसरी नज्म पर हंसती है तो कल वाली खुद पर इतराती है आज वाली खुद पर नाज करती है कभी वो वाली जो रात अचानक बिस्तर से उठ कर एक कागज पर […]
शाखों से टूटकर पते पतझड़ की निशानी दे गए! कल थे शान जिन दरख्तों की आज कदमो तले रुंद गए ! साए देते थे जो मोसफिरों को धूप मे आज अपने सहारो को भी छोड़ […]
यहाँ आमो का सस्ते मे बिकना आम बात नहीं, लेकिन इंसानो का बिकना आम है ! यहां महफ़िलो के काफिले होना आम बात नहीं, लेकिन हर किसी का तन्हा होना आम है ! यहां रोते […]
तेरा दूर-दूर का रहना ले जाये मोर चैना तेरी रहा तकै है अंखिया ताने देती घर गालिया तेरी राह तकै हुए बरसो अब छोड़ भी कल परसो तेरी सोच मे बीती रैना मोर लोटा अब […]
जाने क्यों नदिया सागर से मिल जाती है , मिलो का रास्ता तय कर सागर को मंजिल क्यों बनाती है ! पवित्र है, पावन है, निर्मल जल की धारा है, खारे पानी मे मिलना जाने […]
एक सुबह दे दे ऐसी , जो मेरा इंसाफ क़र दे! एक शाम बीता दे ऐसी , जो मेरे गुनाह माफ़ कर दे ! तमाशा बहुत हो गया बनने और बिगड़ने का, अब तो कोई […]
निसार होना आसान नहीं , किसी का होना आसान नहीं आस हो जो ना की कुछ भी आसान नहीं , और जब ना और हां का बन्धन ना हो तो निसार होना मुश्किल नहीं !
रिवाजो से हटकर जो अपनी राह बना ले, जिन्दा वही है , जो अपनी पहचान बना ले !
खोजते है बचपन अपना , ढूंढते है नादानी अपनी , कूड़े के ढ़ेर को समझते है कहानी अपनी ! देखकर मुझको वैसे तो दया सब दिखाते है, पर जब कोई गलती हो जाए, तो पढ़े-लिखे […]
ख्वाब छोटा-सा था, बस पूरा होने मे उम्र लग गईं! उसके घर का पता मालूम था , बस उसे ढूंढने मे उम्र लग गईं ! ख़त तो उसने भी लिखे थे, बस मेरा नाम लिखने […]
काश खुदा को भी मेरा ख्याल हो जाए, तमाम उम्र का इंतजार अब खत्म हो जाए ! * * दुआ से दिल की किताब लिखी जाएगी , जब भी आएगा तेरा नाम , मेरी मिशाल […]
बाती की इक रोज ,दीए से लड़ाई हो गयी मगरूर हुई बाती खुद पर, लगी दीए पर भड़कने मैं जलकर खाक हो जाती हूँ, और तारीफे बटोरता है तू , नहीं जलूंगी तेरे साथ अब […]
मैं मान लेती हूँ, की तुम्हे मेरी याद नहीं आती , पर वो महफ़िल-ए-चाय तो याद आती होगी ! वो शाम की रवानगी , वो हवा की दिवानगी, वो फूलो की मस्तांगी , याद न […]
खुदा ने भी क्या बेखुदी , बख्शी है , खुद को ही ख़ाक करने मे , हमने ख़ुशी समझी है ! ( निसार ) तुझसे इश्क क्या किया , गलतियों के बूत बन गए, लोग […]
ना चैन है, ना सुकून है ये दिल को क्या फितूर है l करता है ये मनमानियां , करता है ये शैतानिया सुनता नहीं बेधड़क है ये दिल, जानिया धड़कता है जब ये सीने मे, […]
नारी हूँ मै, नादान नहीं हूँ निस्छल हूँ , निर्लज नहीं हूँ ! पथ की उलझन सुलझाना चाहु पग के बंधन तोडना चाहु सिर्फ यही अपराध करु मै अपने मान की पहचान करु मै ! […]
ख़्वाब देखती है आँखै मेरी भी उड़ना चाहती हु मै भी पढू , लिखू बनू अफसर मै भी आकाश मै उड़ता जहाज देखू मै जब भी साथ वो अपने मुझे ले जाता है पढ़ने , […]
ये अजूबा किसने कर दिया फक्त एक मुट्ठी मैं सारा हिन्द इकट्ठा कर दिया तीन ही रंगों मैं सारा हिन्द बया कर दिया केसरी है वीरो के , बलिदानो का प्रतीक जिन्होंने स्वय को समर्पित […]
कुछ ना होने का भी कुछ तो मतलब होगा यूँ ही तो नहीं कुछ ना हुआ होगा वो मतलब खोज लीजिए कुछ ना होना कुछ होने मै बदल जाएगा जिंदगी का ढंग आपके ढंग मे […]
जय हिन्द का नारा फिर बुलंद करो टूटे आत्मसम्मान को फिर एक-सार करो चित की चेतना को फिर चिंतित करो आँखों के पानी को फिर लहु मै परिवर्तित करो अधरों की चुप्पी को फिर बाधित […]
अजीब है दुनिया अजीब बाजार है दुनिया जिंदगी का लिबास पहने मुर्दा है दुनिया ये रूह बेचकर रिवाज ख़रीदा करती है मन के अहसास जलाकर पथर पूजा करती है जात को अपनी पहचान बता , […]
मैं वो नहीं जो पास रहकर तुझे हँसाउगा मैं तो वो हूँ जो रहू या ना रहू लैकिन तेरी मुस्कुराहट की वजह कहलाऊँगा ! मैं वो नहीं जो उजालो मैं तेरा साया कहलाऊंगा मैं तो […]
mere pass bhi khab hai tu pankh jud dai mere pass bhi dil hai, dhadkan jud dai mere pass bhi sai hai ruh jud dai mere pass bhi himat hai junun jud dai mere pass […]
लो फिर याद आ गया , वो बचपन सुहाना वो झूठ का रोना , वो सच का आँखों सी आलू का टपकना वो बेबाकी सी उदझ्ना सबसे. वो अपने साये सी भी डरना वो बारिश […]
jb mai ud nhi pata tha tb kha mai jinda tha aksar chutai-chutai nano sai aakash ko taka krta tha kya hai isam jo itna dur hai aksar ma sai puch krta tha hans kr […]
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