मुक्तक

जख्मों को भूल जाऊँ दिलशाद करूँ कैसे?
तेरे गम से खुद को आजाद करूँ कैसे?
तेरे बगैर कोई एह्सास नहीं मुझको,
चाहत की दस्तक को बर्बाद करूँ कैसे?

मुक्तककार-#मिथिलेश_राय

Comments

One response to “मुक्तक”

  1. Abhishek kumar

    Wow

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