मुक्तक

जबसे तेरे दर्द का पैगाम आ गया है!
तबसे मेरी जिन्दगी में जाम आ गया है!
मैं क्या करूँ नुमाइश अपनी तमन्नाओं की?
जब तेरा बेवफाओं में नाम आ गया है!

मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

Comments

2 responses to “मुक्तक”

  1. Vinod Sharma Avatar
    Vinod Sharma

    Nice

  2. Abhishek kumar

    Good

Leave a Reply

New Report

Close