मुक्तक

तेरी चाहत मेरे गुनाह की तरह है!
तेरी तिश्नगी दिल में आह की तरह है!
खींच लेती है खुशबू तेरे ख्यालों की,
तेरी याद बेखुदी की राह की तरह है!

मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

Comments

7 responses to “मुक्तक”

  1. Panna Avatar

    Like always…splendid.

    1. Mithilesh Rai Avatar

      शुक्रिया

    2. Mithilesh Rai Avatar

      शुक्रिया

  2. राम नरेशपुरवाला

    Good

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