मुक्तक

जाति धर्म के बंटवारे में ,
इंसानियत का गला घुटता हैं ,
मन्दिर मस्जिद के चक्कर में ,
लहू लाल रंग का बहाता हैं ,

महेश गुप्ता जौनपुरी

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