मुक्तक

बचपन लड़कपन की याद अभी वही हैं
रिस्ते में दोस्ती की मिठास अभी वही हैं
चन्द पल की ही तो दुरी हुयी हैं ऐ दोस्त
मिलेगें फिर उसी गली में महफिल जमाने

महेश गुप्ता जौनपुरी

Comments

15 responses to “मुक्तक”

    1. महेश गुप्ता जौनपुरी Avatar

      बहुत बहुत धन्यवाद आदरणीय श्री

    1. महेश गुप्ता जौनपुरी Avatar

      बहुत बहुत धन्यवाद जी

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