मुझे लिख लो कहीं !!

मुझे लिख लो कहीं
निकलने लगी हूँ
तुम्हारी स्मृति से…

खयालातों की दुनिया से
बेदखल होने लगी हूँ
मुझे छुपा लो कहीं…

तुम जवाब दो हमको
हम जवाब दें तुमको
बातचीत का सिलसिला
नजरों से शुरू हो तो अच्छा है…

चुप हो जाते हो
जब पूंछती हूँ
मुझसे प्यार है या नहीं
तुम्हारी खामोशी को ही
इजहार समझती हूँ
इसमें बुरा क्या है!!

Comments

6 responses to “मुझे लिख लो कहीं !!”

  1. Virendra sen Avatar

    मुझे लिख लो तुम निकलने लगी हूं तुम्हारी स्मृति से, बहुत खूबसूरत लिखा है आपने

    1. बहुत बहुत आभार

  2. This comment is currently unavailable

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