मुठ्ठी में तकदीर

मुठ्ठी में तकदीर है मेरी, मेरे वतन की
कर ले कोई कितनी भी कोशिश
मिटा नहीं सकता|

क्या करेगा वो इन्सान आखिर
जो देश का राष्टगान भी
गा नहीं सक्ता||

Comments

5 responses to “मुठ्ठी में तकदीर”

    1. Sridhar Avatar
      Sridhar

      shukriya sir

  1. Dev Kumar Avatar
    Dev Kumar

    Welcome Sir

  2. Abhishek kumar

    Wow

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