मुनासिब

जिसके बिन जीना एक पल भी ना मुनासिब था
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उसके बिना पूरी उम्र जिए जा रही हूँ मैं…

Comments

4 responses to “मुनासिब”

  1. बहुत सुंदर भाव

  2. Satish Pandey

    बहुत खूब

  3. Geeta kumari

    सुन्दर अभिव्यक्ति

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