बह रही प्यार भरी सरिता हूँ
तुम्हारी लेखनी की
एक सधी कविता हूँ,
दिलों में बस मेरी हुकूमत है
न पूछो नाम मेरा
नाम तो मुहोब्बत है।
मुहोब्बत
Comments
5 responses to “मुहोब्बत”
-

वाह बहुत खूब, शानदार
-

वाह पाण्डेय जी बहुत खूब
-
“दिलों में बस मेरी हुकूमत है न पूछो नाम मेरा नाम तो मुहोब्बत है।”
श्रृंगार से परिपूर्ण अति सुंदर रचना । -

वाह बहुत खूब
-
अतिसुंदर भाव
Leave a Reply
You must be logged in to post a comment.