कभी झांक कर देख मेरी नजरों में
हो जाएगा तू दीवाना।
एक बार दिल में आकर तो देख
आ तुझे मैं लबों से छू लूं
तू कभी मेरा गीत बन कर तो देख।
मेरा गीत बन कर तो देख….

Comments
2 responses to “मेरा गीत बन कर तो देख….”
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बहुत ही सुन्दर भाव में आपने इश्क़ को सराहा है।
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बहुत बहुत आभार
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