मेरी गलती माँफ करो।

अगर हुई गलती मुझे माँफ करो,
हर गलती मेरी शर्मनाक है, या तुम मार गिरावो या माँफ करो।
गलती किया इसलिए माँफी माँग रहा,
अगर लगता गलती– गलती का अनुमोदन है तो इसे भी स्वीकार करो,,
गलती हुई मुझसे इतनी पर दु:ख मत होना,
तुम्हे पता है विजली भी गिरती ऊँचे पेड़ पर गिरता तब पर भी वतावरण उसे माँफ करता ,,नई पौधा जन्म देने का प्रयास करता,
या तो तुम मेरी गलती माँफ करो ,या मार गिरावो।
मुझे से गलती हुई पर दु:ख मत होना,
मुझसे हुई गलती सचमुच मे लज्जा की बात है,
मेरी अपनी गलती स्वय नही दिखा,
इसलिए मै इतना बड़ा गदम उठाया,,
एक छोटा भाई के नाते मुझे माँफ करो !!
ये तुम्हारी मर्जी मुझे माँफ करो या मार गिरावो,,
मै लहरो की शक्ति से परिपक हूँ उसमे भी तुफान आती पर किनारा उसे काटकर वापस कर देता,,
या तो तुम मुझे माँफ करो या मार गिरावो।

ज्योति सिह
मो0 9123155481

Comments

5 responses to “मेरी गलती माँफ करो।”

  1. Kanchan Dwivedi

    Nice

  2. Satish Pandey

    वाह वाह

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