✍? गजल ?✍
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मेरी जिंदगी का निखार तू है
मेरी मुस्कान का प्रसार तू है
तेरी चाहत का मै हूं दिवाना
मेरी मुहब्बत का आधार तू है
मेरी कल्पना तमन्ना मेरी तू
मेरी तबस्सुम का संसार तू है
मेरी महबूबा मेरे दिलबर है तू
मेरे गुले गुलशन का बहार तू है
तू मेरी है नस-नस मे बसी
मेरे जीवन का उल्फते यार तू है
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श्याम दास महंत
घरघोडा
जिला-रायगढ (छग)
(दिनांक 24-03-2018)
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मेरी जिंदगी का निखार तू है
Comments
2 responses to “मेरी जिंदगी का निखार तू है”
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Waah
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Good
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