मेरे देश

उम्मीद का दिया जलता रहे
मेरे देश तू फूलता फलता रहे
सबके दिल मे प्रेम की गंगा बहे
रुके ना तेरे पैर यूं ही चलता रहे

हर क्षेत्र में विजयी हो हो जाए तू अमर
झरना के नीर सा सुख पलता रहे

दूर हो अब मुसीबत का साया
सूर्य चंदा के जैसे ही जलता रहे
प्रार्थना है ये परमात्मा से
हर कदम चूमते ये सफलता रहे

Comments

4 responses to “मेरे देश”

  1. Ekta Gupta

    उम्मीद का दिया जलता रहे
    मेरे देश तू यूं ही फलता रहे
    अति सुंदर अभिव्यक्ति

  2. This comment is currently unavailable

Leave a Reply

New Report

Close