मैं जुगनू हूँ दोस्त

अन्धेरा होकर भी अन्धेरा होता नहीं मेरे घर में,

मैं जुगनू हूँ दोस्त रौशनी अपने साथ रखता हूँ।।

राही (अंजाना)

Comments

One response to “मैं जुगनू हूँ दोस्त”

  1. राम नरेशपुरवाला

    Good

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