मोती

काश में समंदर की गहराई में
आराम से पड़ी होती
तुम होते कान्हा मेरे चमकते मोती
और मैं तुम्हारी राधा सीप होती.

Comments

5 responses to “मोती”

    1. nitu kandera

      धन्यवाद

    1. nitu kandera

      धन्यवाद

Leave a Reply

New Report

Close