मोहब्बत का नशा है

किसी को मोहब्बत का नशा है
किसी को दौलत का नशा है
किसी को वर्चस्व का नशा है
किसी को दारू का नशा है
किसी को शोहरत का नशा है
किसी को वफा का नशा है
हमें किसी का नहीं बस
कलम का नशा है।

Comments

2 responses to “मोहब्बत का नशा है”

    1. धन्यवाद शास्त्री जी

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