मोहब्बत की गवाही

मोहब्बत की गवाही देने लगती हैं धड़कने
सुलझाने से सुलझ जाती है सब उलझने

चाँद को पाने की हिम्मत आने लगती है
ज़िंदगी में आती हैं जितनी अड़चने !

Comments

3 responses to “मोहब्बत की गवाही”

  1. Ajay Nawal Avatar
    Ajay Nawal

    nice one 🙂

  2. महेश गुप्ता जौनपुरी Avatar
    महेश गुप्ता जौनपुरी

    वाह बहुत खूब लिखा

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