*मोहब्बत*

ज़िन्दगी मोहब्बत के बिना,
नहीं चलती है
एक साथी है जरूरी,
ना हो किसी का कोई,
हमसफ़र, तो उसकी कमी खलती है
हमसफ़र की आंखों में,
दिखें चांद-सितारे
आंखें आइना हैं, मोहब्बत का
ज़िन्दगी जी ले, आंखों के सहारे

*****✍️गीता

Comments

6 responses to “*मोहब्बत*”

    1. सादर धन्यवाद भाई जी 🙏

    1. Geeta kumari

      बहुत बहुत शुक्रिया प्रज्ञा

  1. लाजवाब👌✍

    1. Geeta kumari

      बहुत बहुत धन्यवाद आपका ऋषि जी

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