सुख के झूठे मुखोटो का क्या मौल
यह दुःख ही सच्चा अपना, जो हमने झैला है
यह दुःख ही सच्चा अपना
Comments
6 responses to “यह दुःख ही सच्चा अपना”
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न शब्द देखेंगे न अर्थ देखेंगे हम भाव के हैं भूखे भावार्थ देखेंगे।
अच्छी सोच-

Dhanyawaad Vinay ji
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nice lines
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अच्छा प्रयास
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बहुत सुंदर पंक्तियां
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बहुत खूब भाई
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