4 Comments

  1. कभी किसी को,
    बिन प्रयास ही खूब प्रतिष्ठा दिलाती है।
    पता ही नहीं चलता है,
    ये जिन्दगी क्या-क्या दिखलाती है॥
    —– सच्ची प्रस्तुति। अति सुन्दर लेखन

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