ये वादा रहा..

मुझे नहीं पता तू है कहाँ,
खुश रहे तू है जहाँ।
हृदय से देती हूँ तुझको दुआ,
फ़िर न हो जैसा अब हुआ।
हृदय में वास करेगी सदा,
तेरा नाम रहेगा सर्वदा मेरी जु़बाॅं,
वादा करती है ये तुझसे तेरी माँ।
अगले जनम भी तुझको मैं पाऊँ,
तुझ पर यूँ ही प्यार लुटाऊँ।
पूरा करेंगे अपना प्यार,
अधूरा रहा है जो इस बार।
तेरा ना कोई विकल्प है,
सदा रहेगी हृदय में, ये संकल्प है।
मिलूँगी मैं तुझसे अगले जनम,
तेरे जन्मदिवस पर..ये वादा रहा॥
——-✍️ गीता
Love you a lot
Miss you a lot..

Comments

7 responses to “ये वादा रहा..”

  1. Pt, vinay shastri ‘vinaychand’

    याद बनकर सदा तू मेरे दिल में रहेगी।
    दिल का टुकड़ा क्यों न दिल में रहेगी।
    लहू थी हमारी हैं ये रग- रग तुम्हारी
    जीवन है जब तक तू दिल में रहेगी।
    जन्म दिवस पर प्यारी बिटिया के
    निज अश्कों का उपहार न देना।
    तू साँसों में, तू धड़कन में
    फिर भूलने का व्यवहार न देना।।
    मां नहीं मैं ‘मा-मा’ तेरा
    ममता मन मझधार न देना।।
    मां तू धन्य है…… अतिमार्मिक

    1. Geeta kumari

      इतनी सुन्दर प्रतिक्रिया के लिए सादर नमन भाई जी🙏

  2. Ekta

    निःशब्द हूं मैं दीदी मां* 🙏🙏

  3. बहुत सुंदर रचना

    1. Geeta kumari

      धन्यवाद सतीश जी🙏

  4. R. Singh

    ❤️🙏🙏

    1. Geeta kumari

      Thanks allot

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